अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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शनिवार, 11 सितंबर 2010

हर जगह होती रही नानाजी के कार्यो की चर्चा

चित्रकूट। ग्रामोदय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हर जगह युगऋषि नानाजी ही चर्चाओं के केंद्र में रहे। चाहे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी हों या मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, इन वीआईपी की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी हों या फिर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के छात्र सभी नानाजी को याद कर नतमस्तक हो रहे थे।
मौका था युगऋषि समाजसेवी नानाजी देशमुख के षट्मासिक श्राद्ध का। कृतज्ञ ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिवार ने शुक्रवार को अपने संस्थापक कुलाधिपति नानाजी देशमुख के षट्मासिक श्राद्ध का आयोजन किया। इस आयोजन में चित्रकूट के समीपवर्ती क्षेत्रों के हजारों लोगों के साथ विभिन्न राज्यों से आये भाजपा के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। सुबह से शुरू हुये यज्ञ में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्णबिहारी पांडेय ने पत्नी विनोदनी पांडेय के साथ हवन कुंड में आहुतियां दीं। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मदनदास देवी, श्रीकृष्ण महेश्वरी, माखन सिंह, शंकर प्रसाद ताम्रकार, भाजपा के उत्तर प्रदेश संगठन महामंत्री नागेन्द्रनाथ त्रिपाठी समेत विभिन्न प्रांतों से आये भाजपा के संगठन मंत्रियों ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय में पहुंचकर नानाजी को श्रद्घासुमन अर्पित किये।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामोदय विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षकों के साथ ही आयोजन में आये सभी लोग की जुबां पर बस नानाजी के कार्यो की चर्चा थी। धर्मनगरी से सटे पालदेव गांव से आये बुजुर्ग नारायण ने कहा कि नानाजी तो इस क्षेत्र के लिये भगवान की तरह थे। उन्होंने दस्युओं का गढ़ रहे इस क्षेत्र में शिक्षा, विकास व सामाजिक समरसता की गंगा बहा कर जीवन का नजरिया बदल दिया। विश्वविद्यालय के अध्ययनरत छात्र विनीत द्विवेदी ने कहा कि नानाजी अब हमारे बीच नहीं हैं किंतु चित्रकूट क्षेत्र में हुये कार्य सदैव नानाजी की याद दिलाते रहेंगे।

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