अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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शनिवार, 11 सितंबर 2010

जल्द ही मिलेगी मंदाकिनी को सीवर से मुक्ति

चित्रकूट। अगर सब कुछ सही चला तो मां मंदाकिनी को आने वाले साल के पहले महीने में सीतापुर कस्बे के सीवर से मुक्ति मिल जायेगी। जल निगम के अधिकारी दशकों पुरानी इस योजना को पूरा करने का काम कर रहे हैं। परियोजना प्रबंधक तो साफ तौर पर कहते हैं कि आगामी जनवरी के पहले हफ्ते में उनकी योजना नगर विकास मंत्री को चित्रकूट लाकर इस योजना का लोकार्पण करवाने की है।
गौरतलब है कि मंदाकिनी प्रदूषण को लेकर जागरण के जल संरक्षण अभियान के बाद जब उप्र की सरकार चेती। सबसे पहले उसे मंदाकिनी में गिरने वाले विशालकाय नाले से निजात दिलाने के लिये वर्षो पुरानी बंद पड़ी चित्रकूट सीवरेज योजना के लिये धन आवंटित कराने के प्रयास तेज किये। इस साल के मई महीने में प्रारंभ हुये 366.84 लाख रुपयों के काम अब अंतिम चरण में चलते दिखाई दे रहे हैं। इस योजना में जहां जमीन के अंदर 4153 मीटर पाइपों में 4100 मीटर पाइप डाला जा चुका है। सम्पवेल का काम भी 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 75 गुणा 150 मीटर के दो आक्सीडेशन पांड को बनाने का काम भी सत्तर प्रतिशत पूरा हो चुका है। जनरेटर रुम को बनाने का काम बरसात की वजह से रोका गया है वैसे बरसात के पहले इसका लगभग तीस प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
जल निगम अस्थायी निर्माण खंड के परियोजना प्रबंधक आर.बी.लाल बताते हैं कि सम्पवेल का 60 प्रतिशत आक्सीडेशन पांड का काम 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सीवर लाइन तो पूरी बिछ चुकी है। केवल ज्वाइंटस को कसा जाना है। 1400 मीटर की राइजिंग मेन भी पूरी पड़ चुकी है। नवम्बर-दिसम्बर तक काम पूरा कर दिया जायेगा। जनवरी के पहले सप्ताह में नगर विकास मंत्री को चित्रकूट लाकर चित्रकूट सीवरेज योजना का शुभारंभ करवाने की इच्छा है।
उन्होंने बताया कि विभाग को यह योजना वर्ष 1996 में मिली थी। कभी पैसे की कमी आडे़ आई तो कभी स्थानीय परिस्थितियों ने साथ नही दिया। मई में काम को प्रारंभ किया गया था। बरसात के तुरन्त बाद काम समाप्त करने की स्थिति होगी।

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