चित्रकूट। 'पूर्ण कालिक अवधारणा की भूमिका' विषय पर बोलते हुये राष्ट्रीय प्रचारक प्रमुख मदनदास देवी ने देश भर से आये संगठन मंत्रियों को संदेश दिया कि सेवा का व्रत कठिन है। राजनीति और समाज सुधार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। नानाजी ने अपना जीवन एक ऋषि की तरह जिया। पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में उनसे अच्छा उदाहरणात्मक व्यक्तित्व दिखाई नही देता। राजनीति में तो उदाहरण बने ही समाजसेवा के क्षेत्र में भी उन्होंने समाज की दिशा और दशा दोनों को बदलने का काम किया।
उद्यमिता विद्यापीठ के डा. राम मनोहर लोहिया सभागार में शुक्रवार को प्रारंभ हुये संगठन सचिवों के अभ्यास वर्ग का पहला पाठ सुबह 11 बजे से 12.30 तक मदनदास देवी ने ही पढ़ाया। यही सत्र परिचयात्मक सत्र भी बना जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी व मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके विचार सुने। भोजन और चाय के बाद दूसरा सत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने लिया। इसका विषय देश की वर्तमान स्थिति और भाजपा रहा। डेढ़ घंटे के इस सत्र में उन्होंने सभी संगठन मंत्रियों से दिल खोलकर बात की। उन्होंने बताया कि एक कार्यकर्ता का आचरण कैसा होना चाहिये। इस समय संगठन की स्थिति कैसी है इसमें सुधार करने की जरुरत कहां-कहां पर है। राम मंदिर विवाद या फिर बिहार और उत्तर प्रदेश के चुनाव सभी पर उन्होंने अपने विचार काफी गंभीरता के साथ व्यक्त किये। इस दौरान उन्होंने गुजरात मुद्दे के साथ ही उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों के बारे में भी चर्चा कर संगठन सचिवों को कमर कस कर तैयार हो जाने का आवाहन किया। शाम पांच बजे से साढ़े छह बजे तक तीन सत्र चले। इन सत्रों में प्रशिक्षण विषय पर रामप्यारे पांडेय, अन्त्योदय विषय पर, मोर्चा और प्रकोष्ठों से संबंधित जानकारी मनोहर लाल ने दी। शाम के सत्र में साढ़े सात बजे से मदनदास देवी ने एक बार फिर 'परिवार संकल्पना व समन्वय अनुभव और कठिनाइयां' विचार बांटे। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर काम करने वाले सभी एक परिवार की तरह होते हैं। इसलिये सभी के आचार विचार और व्यवहार भी ऐसे ही होने चाहिये। इस दौरान नानाजी देशमुख के जीवन दर्शन को दिखाता एक फोल्डर व दीनदयाल शोध संस्थान की पत्रिका नवरचना की प्रतियां भी सभी को बांटी गई।
उद्यमिता विद्यापीठ के डा. राम मनोहर लोहिया सभागार में शुक्रवार को प्रारंभ हुये संगठन सचिवों के अभ्यास वर्ग का पहला पाठ सुबह 11 बजे से 12.30 तक मदनदास देवी ने ही पढ़ाया। यही सत्र परिचयात्मक सत्र भी बना जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी व मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके विचार सुने। भोजन और चाय के बाद दूसरा सत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने लिया। इसका विषय देश की वर्तमान स्थिति और भाजपा रहा। डेढ़ घंटे के इस सत्र में उन्होंने सभी संगठन मंत्रियों से दिल खोलकर बात की। उन्होंने बताया कि एक कार्यकर्ता का आचरण कैसा होना चाहिये। इस समय संगठन की स्थिति कैसी है इसमें सुधार करने की जरुरत कहां-कहां पर है। राम मंदिर विवाद या फिर बिहार और उत्तर प्रदेश के चुनाव सभी पर उन्होंने अपने विचार काफी गंभीरता के साथ व्यक्त किये। इस दौरान उन्होंने गुजरात मुद्दे के साथ ही उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों के बारे में भी चर्चा कर संगठन सचिवों को कमर कस कर तैयार हो जाने का आवाहन किया। शाम पांच बजे से साढ़े छह बजे तक तीन सत्र चले। इन सत्रों में प्रशिक्षण विषय पर रामप्यारे पांडेय, अन्त्योदय विषय पर, मोर्चा और प्रकोष्ठों से संबंधित जानकारी मनोहर लाल ने दी। शाम के सत्र में साढ़े सात बजे से मदनदास देवी ने एक बार फिर 'परिवार संकल्पना व समन्वय अनुभव और कठिनाइयां' विचार बांटे। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर काम करने वाले सभी एक परिवार की तरह होते हैं। इसलिये सभी के आचार विचार और व्यवहार भी ऐसे ही होने चाहिये। इस दौरान नानाजी देशमुख के जीवन दर्शन को दिखाता एक फोल्डर व दीनदयाल शोध संस्थान की पत्रिका नवरचना की प्रतियां भी सभी को बांटी गई।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें