अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

शनिवार, 11 सितंबर 2010

..नहीं चल सकीं ट्रेनें

चित्रकूट। एक घोषणा नेता की तो दूसरी घोषणा अधिकारी की, पर मजे की बात तो यह कि दोनों की घोषणा अभी तक महज लफ्फाजी साबित हो रही है। मामला रेलवे से संबंधित है। रेल मंत्रालय की मुखिया ममता बनर्जी ने बुंदेलखंड के इस भूभाग के लिये एक ट्रेन कानपुर से चित्रकूटधाम कर्वी के लिये नयी चलाने के साथ निजामुद्दीन से मानिकपुर तक चलने वाली उप्र संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोजाना चलाये जाने की घोषणा की थी, पर अभी तक केवल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के आने के समय के बदलाव के अलावा कुछ परिवर्तन होता दिखाई नहीं दे रहा है। स्थानीय रेलवे के अधिकारी कहते हैं कि कानपुर-चित्रकूटएक्सप्रेस के आने व जाने का समय तो आ चुका है। संपर्क क्रांति के आने के समय में परिवर्तन भी हो चुका है। अभी रेलवे के पास नये रैक न होने के कारण नयी ट्रेन प्रारंभ नहीं हो पा रही है।
गौरतलब है कि बुंदेलखंड़वासियों की विशेष मांग के साथ ही जब दो केंद्रीय मंत्रियों की संस्तुति जुड़ी तो रेल मंत्रालय ने बुंदेलखंड के इस भूभाग के लिये एक नयी ट्रेन चलाने के साथ ही संपर्क क्रांति को रोजाना करने की घोषणा की। कानपुर से चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस ट्रेन की घोषणा कराने में जहां केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल का विशेष योगदान रहा वहीं उप्र संपर्क क्रांति को रोजाना करवाये जाने के पीछे ग्राम्य विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन 'आदित्य' ने प्रयास किये। इनके प्रयास तो रंग ले आये और रेल मंत्री ममता बनर्जी ने इन दोनों ट्रेनों की घोषणा भी कर दी। लेकिन जब इनके संचालन की बात आई तो यह कहा गया कि रेलवे की नयी समय सारणी जुलाई से प्रारंभ होती है और जुलाई से ही ये चलेंगी। जुलाई के महीने में सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस के निजामुद्दीन से आने का समय जरुर साढ़े आठ बजे से साढ़े सात बजे हो गया लेकिन ट्रेनों का संचालन नहीं शुरू हो सका। वैसे बीच में यहां पर आये डीआरएम ने भी पत्रकारों से बात करते हुये कहा था कि जल्द ही रैक की व्यवस्था होने पर ट्रेनों का संचालन कर दिया जायेगा।
उपस्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि कानपुर-चित्रकूट एक्सप्रेस ट्रेन के आने का समय 17:53 बजे व 17:56 पर जाने का समय आ चुका है। संपर्क क्रांति को पूरे हफ्ते चलाये जाने के लिये अभी तो व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्रेनों का संचालन तो ऊपर से ही होगा। अप्रैल में हुई इस घोषणा के बाद रेलवे की नयी समय सारणी में कई स्टेशनों पर आगमन और प्रस्थान का समय के साथ ट्रेन नंबर भी आ गया है पर ट्रेनों के संचालन में रेलवे विभाग पीछे हटता नजर आ रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें