चित्रकूट। देश भर के विभिन्न प्रांतों से आये लोक कलाकारों के दलों की भावाभिराम प्रस्तुतियां शरदोत्सव की दूसरी शाम की गवाह बनीं। हजारों श्रोताओं ने मंत्रमुग्ध कर देने वाले कार्यक्रमों को खुले आसमान के नीचे बैठकर चांदनी में अपलक निहारा। वहीं मंदाकिनी की धवन जल राशि में पड़कर चांदनी के साथ ही बिजली के रिफ्लेक्टरों की रोशनी अप्रतिम आभा बिखेर रही थी।
कार्यक्रम की दूसरी शाम का प्रारंभ मप्र की उच्च शिक्षामंत्री अर्चना चिटनिस ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने शरदोत्सव के तीसरे आयोजन के अवसर को चित्रकूट में लगातार होने को प्रभु कामतानाथ की कृपा बताते हुए कहा कि यहां पर आने वाले श्रोता भी धन्य हैं। उन्होंने नाना जी देशमुख को ऋषि की उपमा देते हुए कहा कि 'स्नेह दान देकर सभी को अपनाया, अपने घर का धन जितना बने लुटाया।' उन्होंने कहा कि नाना जी जैसे लोग विरले ही होते हैं जो केंद्रीय मंत्री रहते हुए समाज सेवा के लिये अपने पद का त्याग कर दें। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गायक पवन तिवारी के भजन सुनो रे राम कहानी से हुई। मिनी अनूप जलोटा के नाम से जाने जाने वाले इस गायक ने ठुमक चलत राम चंद्र बाजत पैजनिया पर लोगों की वाहवाही बटोरी। हरियाणा से आये लोक कलाकारों ने घूमर नृत्य , उड़ीसा के कलाकारों ने चढै़या, मध्य प्रदेश के कलाकारों ने नैनागढ़ की लड़ाई की प्रस्तुतियों से शमा बांध दिया। रामायणी कुटी के महंत राम हृदय दास, दीन दयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, विधायक सुरेन्द्र गहरवार, तुलसी शोध संस्थान के निदेशक प्रो. अवधेश पांडेय सहित हजारो लोग मौजूद रहे।
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2009
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