अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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मंगलवार, 6 अक्टूबर 2009

रिमझिम बारिश में भी झूमते रहे लोग

चित्रकूट। शरदोत्सव की अंतिम शाम में पा‌र्श्व गायक सुरेश वाडकर की आवाज का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। रिमझिम बारिश के बावजूद उनको सुनने के लिए ढाई घंटे तक हजारों लोग डटे रहे।
तीन दिवसीय शरदोत्सव के अंतिम दिन जब मशहूर पा‌र्श्व गायक सुरेश वाडकर स्टेज पर आये तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने 'मैं हूं प्रेम रोगी' 'और इस दिल में क्या रखा है' 'लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है' 'राम तेरी गंगा मैली हो गयी' सुनाये तो लोग झूम उठे। इसके बाद इंडियन आइडल द्वितीय के सातवें फाइनलिस्ट रवि त्रिपाठी ने 'नैन लड़जइहैं तौ मनवा मां कसक होइबै करी' 'यम्मा यम्मा ये खूबसूरत शमा' व 'मुम्बई से आया मेरा दोस्त' गीत गाकर लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। युवाओं के उत्साह को देखकर सुरेश वाडकर ने कहा उन्हें पता नही था कि गांवों में भी इतनी अच्छी प्रतिभाएं हैं। इनको डांस इंडिया डांस या बूगी-बूगी जैसे कार्यक्रमों में जाना चाहिए। उन्होंने स्टेज पर ही ग्रामोदय विवि के छात्र बिजेन्द्र को बुलाकर इनाम भी दिया। उन्होंने अपने दूसरे दौर की प्रस्तुतियों में पिछली बार के अपेक्षाकृत तेज बीट वाले नगमे सुनाये। 'भंवरे ने खिलाया फूल -फूल' 'सपने में मिलती है कुड़ी मेरी सपने में मिलती है' 'चप्पा-चप्पा चरखा चले' गीतों पर तो शाम अपने पूरे शबाब पर पहुंच गयी।
सुनने और सुनाने वाले दोनो भीगे
कार्यक्रम की प्रस्तुति की सबसे बड़ी बात तो यह रही कि शुरुआत में ही इंद्र देव ने अपना हल्का रूप दिखाया और स्टेज के बाहर का वातावरण हल्का गीला हो गया पर लोग सुरेश वाडेकर को सुनने के लिये डटे रहे। इस दौरान गायक ने बरसात से संबंधित गाने भी खूब गाये। लेकिन बरसात से संबंधित गाने बंद होने के बाद पानी तो बिलकुल बंद हो गया पर स्टेज के ऊपरी भाग में बरसात के पानी ने अपना रंग दिखाया। संगत कर रहे भोपाल से आये वादकों के साथ ही पा‌र्श्व गायकों पर भी पानी के छींटे पड़े।

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