अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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शुक्रवार, 26 जून 2009

जीने की राह दिखाती धर्मनगरी : राजपाल

Jun 24, 02:45 am
चित्रकूट। फिल्मों में अपने अभिनय से धूम मचाने वाले राजपाल यादव का मानना है कि चित्रकूट जीवन जीने का प्रेरणा स्थल है। यहां पर स्वयं भगवान राम, मां जानकी और लक्ष्मण के साथ साढ़े ग्यारह साल तक रहे।
वैदिक आध्यात्म को आत्मसात करने में लगे फिल्म स्टार राजपाल यादव ने सोमवार शाम यहां उतरते ही सबसे पहले चित्रकूट की रज माथे पर लगायी। धर्मनगरी में आगामी आठ जुलाई से होने वाले यज्ञ के सिलसिले में यहां आये राजपाल यादव ने मंगलवार को रामायण मेला परिसर और रैन बसेरा में बन रहे विशाल पंडाल का निरीक्षण किया। वह डीएम हृदेश कुमार से मिले और संकल्प पूर्ति महोत्सव की तैयारियों व प्रशासन द्वारा दिये जाने वाले सहयोग के बाबत चर्चा की।
उप्र के ही शाहजहांपुर के छोटे से गांव कुंडरा के मूल निवासी राजपाल यादव ने एक विशेष भेंट में बताया कि उन्होंने लखनऊ की भारतेन्दु नाट्य अकादमी से डिप्लोमा लेने के बाद दिल्ली में भारतीय नाट्य संस्थान से डिग्री ली। उसके बाद मुम्बई का रुख किया। आम स्ट्रगलर की तरह ही उन्होंने भी वह सब किया जो दूसरे करते हैं, पर आत्म विश्वास के चलते उन्हें वर्ष 99 में 'जंगल' फिल्म मिली। जंगल के हिट होने के बाद तो फिल्मों की लाइन लग गयी।

मंगलवार, 23 जून 2009

तपती धूप पर भारी पड़ी आस्था

Jun 23, 11:37 am
चित्रकूट। उन्हें न तो तपती धूप में पैरों के जलने की चिंता है और न उनको इस बात की फिक्र कि वह कैसे अपने घर पहुंचेंगे। वह तो परिक्रमा लगा कामतानाथ के दर्शन को बढ़े चले जा रहे थे। भीषण गर्मी और कड़ी धूप अगर उनके मुंह से कोई शब्द निकल रहा था तो वह भगवान कामतानाथ का जयकारा।
सोमवती अमावस्या के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने रविवार को ही तीर्थ क्षेत्र के इर्दगिर्द डेरा डाल दिया था। रात बारह बजते ही स्फटिक शिला परिसर से लेकर रामघाट तक मंदाकिनी के विभिन्न घाटों में स्नान करने वालों का मेला सा लग गया। स्नान करने के बाद मत्स्यगयेन्द्र नाथ का जलाभिषेक कर भक्तों का रेला कामतानाथ जी की ओर हो गया। देर रात शुरू हुई साढ़े पांच किलोमीटर के परिक्रमा पथ पर सोमवार की देर शाम तिल रखने की भी जगह नहीं बची थी। लोग किसी प्रकार से अपनी परिक्रमा पूरी करने की जद्दोजहद में लगे थे। भज ले पार करइया का और भज ले पर्वत वाले के उद्घोष फिजाओं में गूंज रहे थे।
कई बार मची भगदड़
दोनो प्रदेशों के परिक्रमा पथ पर भारी भीड़ के कारण कई बार भगदड़ मची। सोमवार तड़के पांच बजे राम मुहल्ले के कामतानाथ प्रमुख द्वार पर भी भगदड़ हुई। प्रत्यक्षदर्शी सुरेन्द्र त्रिवेदी का कहना है इसमें घायल तो लगभग आधा दर्जन लोग हुए पर कम से कम तीन लोगों को बेहोशी की हालत में लादकर अस्पताल ले जाया गया। कुछ इसी तरह का हाल यूपी के क्षेत्र खोही में हुआ। यह हाल बरहा के हनुमान जी से लेकर श्री राम भरत मिलन के मंदिर तक बना रहा।
पानी की रही मारा-मारी
मध्य प्रदेश के क्षेत्र में तो पानी की सबसे ज्यादा किल्लत देखी गई। राम मुहल्ले के दुकानदार बड़ा भइया ने बताया कि अमावस्या के मौके पर ही बिजली काट दी गयी और नलों से पानी गायब है। पानी रविवार की रात से ही नही आया। बिजली के गायब होने से गिरहकटों की चांदी रही। यहां एक-एक डिब्बा बीस-बीस रुपये में बेचा गया। खोही के साथ ही अन्य काफी स्थानों पर लोग परिक्रमा कर रहे लोगों को पानी पिलाने का काम कर रहे थे। भागवत पीठ पर कथा आचार्य नवलेश दीक्षित खुद ही अपने लोगों के साथ पानी पिलाने के काम में जुटे दिखाई दिये। उन्होंने बताया कि रात से अभी तक वे लगभग छह ड्रम पानी लोगों को पिला चुके हैं। कर्वी से सीतापुर तक कई स्थानों पर तमाम स्वयंसेवी भी पानी पिलाते दिखायी दिये।
खूब हुई डग्गामारी
मेले में सफाई व्यवस्था चौकस दिखी। पालिका कर्वी व नगर पंचायत चित्रकूट के लोग जहां सफाई करने में लगे रहे वहीं डग्गामारों ने जमकर कमाई की। आठ सवारी से ज्यादा न बैठाने के आदेश का कहीं भी पालन होता नही दिखा। टेंपो, टैक्सी, टै्रक्टर, तांगे व रिक्शा के साथ जीपों व बसों में लोगों ने लटक-लटक कर यात्रा की। खोया पाया केंद्रों से लगातार बिछुड़ने वालों को मिलाने के लिए घोषणाएं हो रही थीं।
खूब बिके सड़े गले फल
वैसे तो अमावस्या के मौके पर लोग अपना खाना खुद ही बांध कर लाते हैं। फिर भी ग्वालियर से लेकर डभौरा और सतना से लेकर नरैनी तक के दुकानदार यहां पर चार-पांच दिनों पहले से आकर अपनी दुकानदारी के लिए डेरा जमा लेते हैं। बासी चाट पकौड़ी के साथ कटे हुए फल खूब बिकते दिखाई दिये।
श्रद्धालुओं ने जतायी नाराजगी
रोडवेज के अस्थायी बस स्टैंड को एक कार्यक्रम के कारण रैन बसेरा परिसर से शिफ्ट कर लगभग एक किलोमीटर दूर शिफ्ट कर देने पर बाहर से आये श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी थी। लोगों का कहना था कि भले ही भगवान के काम के लिए ऐसा किया जा रहा है पर वास्तव में दिक्कत तो लाखों लोगों को हुई ही।

सोमवार, 15 जून 2009

नटखट भगवान श्रीकृष्ण की लीला से श्रोता मंत्रमुग्ध

Jun 16, 02:18 am
चित्रकूट। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा सुनाकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये। भगवान ने बचपन में नटखट पन दिखाकर संदेश दिया कि बालक अबोध होता है। अपनी मनमोहक हरकतों से दूसरों को परेशान करने में भगवान को मजा आता था।
सरैंया के बेलऊहां पुरवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास चंदन दीक्षित ने गोकुल में श्रीकृष्ण द्वारा बाल्यावस्था में की गई माखनचोरी, शेषनाग कथा व गोर्वधन पर्वत धारण करने की कथा झांकी चित्रण सहित प्रस्तुत की। भक्ति रस में लीन श्रोताओं को भगवान श्रीकृष्ण के बाल चरित्र की कथाओं का चित्रण देखकर खूब आनंद आया। पूरा माहौल श्रीकृष्ण भक्तिमय हो गया था।
कथा व्यास ने कहा कि माता यशोद के सामने मासूम व बेकसूर बनने वाले श्रीकृष्ण बेहद नटखट थे। वे जानबूझकर मक्खन चोरी करके गोपियों व दोस्तों को फंसा देते थे। कभी गोपियों की मटकी में पत्थर मारकर भाग जाते थे। गोवर्धन पूजा व पर्वत धारण की कथा सुनाते हुये कहा कि जब ब्रजवासी इंद्र की पूजा करने जा रहे थे तक श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की तमाम खूबियां बताकर उसकी पूजा करने को कहा। बृजवासी पर्वत की पूजा करने लगे तो नाराज इंद्र के प्रकोप से बचने के लिये श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को एक अंगुली से उठाकर पूरे बृज को संकट से बचाया। पूरी कथा के दौरान भक्तगण श्रीकृष्ण भक्ति में लीन दिखे।

संकल्प पूर्ति यज्ञ के लिए प्रशासन ने हाथ बंटाया

Jun 16, 02:18 am
चित्रकूट। तीर्थ क्षेत्र के रामायण मेला परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में होने वाले पैंतालीसवें संकल्प पूर्ति महारुद्र यज्ञ के लिए जहां एक तरफ दद्दा शिष्य मंडल तैयारियां करने में रात दिन एक किये हुए हैं वहीं आज मौके पर जिलाधिकारी हृदेश कुमार भी अपनी पूरी प्रशासनिक टीम के साथ पहुंचकर आयोजकों के साथ बैठक कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह आयोजन इस जिले में होने वाला विशेष है। इसके लिए सभी को टीम भावना के तहत काम करना है।
कार्यक्रम का प्रमुख रुप से काम काज देख रहे फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने प्रशासन की तरफ से मदद करने के लिए चौबीस घंटे बिजली, पानी और सफाई के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं के लिए कहा। जिलाधिकारी ने मौके पर ही पीडब्लू डी अधिशासी अधिकारी एके शर्मा को वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिजली दुरस्त करवाये जाने के साथ ही अधिशाषी अभियंता बिजली कमलेश कुमार को मेला प्रांगण में चौबीस घंटे बिजली के प्रवाह के लिये एमडी व चेयरमैन से बात कर सुचारु व्यवस्था के लिए कहा। एएसपी जुगुल किशोर को आने वाले सभी लोगों की सुरक्षा के लिए कहा।

पर्यटनस्थल नहीं तपोभूमि है धर्मनगरी : आशुतोष राणा

Jun 16, 02:18 am
चित्रकूट। 'मैं चित्रकूट से काफी कुछ लेने आया हूं' यहां की आबोहवा में वह तासीर है जो व्यक्ति का सम्पूर्ण व्यक्तित्व बदल देती है। यहां आकर हर व्यक्ति राममय हो जाता है। इस मिट्टी में वह क्षमता है कि जिसने प्रभु राम को साढ़े ग्यारह साल तक बांध कर रखा। यह बात सोमवार को यहां फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में मेरी नजर में पर्यटन स्थल नहीं बल्कि तपोस्थली है और मै भी इस तपस्थल पर थोड़ा तप कर अपने आपको धन्य करने आया हूं।
आगामी आठ जुलाई से होने वाले यज्ञ की व्यवस्थाओं के बारे में जायजा लेने आये आशुतोष राणा ने कहा कि यहां पर नौ दिनों तक लगभग ढाई लाख लोग निवास करेंगे। प्रतिदिन लगभग साठ लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जायेगा।

संकट में भक्त की मदद को आते हैं भगवान

Jun 15, 02:03 am
चित्रकूट। संकट के समय भक्त की मदद को भगवान दौड़े चले आते हैं, किंतु इसके लिये भक्त को धैर्य व भक्ति पर भरोसा रखना चाहिये।
यह बात आचार्य चंदन दीक्षित ने सरैंया गांव के बेलौंहन पुरवा में चल रही कथा के चौथे दिन कही। उन्होंने श्रीराम जन्म का मार्मिक चित्रण करते हुये कहा कि श्रीराम का जन्म त्रेतायुग में हुआ था। उन्होंने असुरों के आतंक से मुक्ति दिलाकर समाज में आदर्श, अनुशासन व समर्पण प्रस्तुत किया गया, जबकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ। उन्होंने भी अपनी विचित्र लीलाओं से दुष्टों का संहार किया।
कथा व्यास ने भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण के जन्म की कथा के दौरान अलग-अलग माहौल बनाने का प्रयास किया। कभी अयोध्या तो कभी गोकुल के दृश्यों का वर्णन सुन भक्तगण श्रद्धा से ताली बजाकर कभी रामधुन तो कभी श्रीकृष्ण धुन गाते रहे।
इसके बाद कथाव्यास ने गज मोक्ष की कथा में बताया कि नहाने गये गजराज को जब मगरमच्छ ने पकड़ लिया तो भगवान विष्णु को उसने मदद के लिये पुकारा तो भगवान ने स्वयं जाकर उसे बचाया।