अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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मंगलवार, 31 अगस्त 2010

मानस पाठ के साथ नाना जी को श्रद्धांजलि

चित्रकूट। ग्रामों के उत्थान से ही शहरों के साथ राष्ट्र का उत्थान होगा। ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र को ग्रामीण भारत के विकास के लिये ही काम करना चाहिये। 'विश्व ग्रामे प्रतिष्ठत:' कुछ ऐसा ही बोध वाक्य नाना जी देशमुख के जेहन में उस समय उभरा जब उन्होंने चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की परिकल्पना की थी। आज उसका भव्यतमस्वरूप महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रुप में दिखाई देता है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिवार ने अपने प्रथम कुलाधिपति और संस्थापक युगऋषि नाना जी देशमुख को श्रद्धांजलि देने का क्षण भी उनके षट्मासिक श्राद्ध को खोजा। चित्रकूट के बाबा तुलसीदास द्वारा लिखित चौबीस घंटों के श्री रामचरित मानस पाठ की शुरुआत कुलपति प्रो. केबी पांडेय व उनकी धर्मपत्नी विनोदनी पांडे के पूजन हवन के साथ हुई।

जहां इस पाठ में ग्रामोदय परिवार के प्राध्यापक और छात्र -छात्रायें एक साथ जुटे हुये हैं वहीं खुद भी कुलपति बीच-बीच में जाकर उनका उत्साह बढ़ाने के साथ ही श्री राम चरित मानस का पाठ भी कर रहे हैं। इसके साथ ही शनिवार को ग्रामोदय परिसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है। इसी परिसर में एक ऐसी प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें ग्रामोदय के जन्म काल से लेकर वर्तमान के चित्रों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। फोटो प्रदर्शनी का संयोजन करने का काम डा. जयशंकर मिश्र और डा. अभय वर्मा कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में जहां दुर्लभ चित्रों को प्रदर्शित किया गया है वहीं कृषि संकाय के साथ ही अन्य विभागों ने भी अपनी गतिविधियों की झलक प्रदर्शित की है। कुलपति प्रो. पांडेय कहते हैं कि यह हमारी इस विश्वविद्यालय के जन्मदाता के लिये एक छोटी सी श्रद्धांजलि है। नाना जी देशमुख ने अपने जीवन काल में मानव की भलाई के लिये इतने सारे काम किये जिन्हें एक जगह पर प्रदर्शित नही किया जा सकता पर ग्रामोदय की स्थापना को लेकर उन्होंने जो किया उसको लेकर एक छोटी सी भेंट इसे माना जा सकता है।
ग्रामोदय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी जय प्रकाश कहते हैं कि नाना जी ने चित्रकूट में आकर यहां की अशिक्षा को दूर करने का ही खाली प्रयास नही किया बल्कि शिक्षा के साथ ही स्वावलंबन का जो पाठ पढ़ाया वह आज सभी के लिये अनुकरणीय बन चुका है। उन्होंने बताया कि हवन पूजन का कार्यक्रम प्रात: 8 बजे, श्रद्धांजलि सभा प्रात: 10 बजे और विशाल भंडारे का आयोजन दोपहर 12 बजे से किया गया है।

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