अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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मंगलवार, 31 अगस्त 2010

गडकरी ने पढ़ाया पार्टी के मूल सिद्धांतों का पाठ

चित्रकूट, संवाददाता : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शुक्रवार को यहां देश भर से आये संगठन मंत्रियों को पार्टी के मूल सिद्धांतों का पाठ लगभग डेढ़ घंटे पढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या मामले के साथ ही कश्मीर में धारा 370 को हटाये जाने के मामलों पर भी चिंतन प्रस्तुत किया।

उद्यमिता विद्यापीठ के डा. राममनोहर लोहिया सभागार में पार्टी कार्यकर्ताओं को मुख्य रूप से संदेश देने के उनके विषय बिहार व उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव रहे। उन्होंने कहा कि वास्तव में देश में भाजपा की स्थिति को मजबूत करने के लिये कौन से कारक व मुद्दे अच्छे हो सकते हैं इसके लिये सभी को चिंतन करना है। कहा कि उप्र के कार्यकर्ताओं के सामने अग्निपरीक्षा का समय है। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्यों को अधिक से अधिक संख्या में जिताने के प्रयास होने चाहिये।
लगभग डेढ़ घंटे तक चले उद्बोधन में देश की वर्तमान स्थिति के बारे में भी उन्होंने चर्चा की। कहा कि महंगाई सुरसा की तरह बढ़ रही है इसको रोकने के केंद्र के सभी उपाय व्यर्थ हैं। इसके पूर्व आरोग्य धाम परिसर पर हेलीपैड पर पत्रकारों से उन्होंने बात करने से इंकार करते हुये कहा कि वे यहां संगठन मंत्रियों के अभ्यास वर्ग में आये हैं। यहां राजनीति पर कोई भी बात करना उचित नही होगा।
नानाजी देशमुख के षट्मासिक श्राद्ध कार्यक्रम में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी भवन पहुंचकर नानाजी व श्रीराम दरबार के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद उन्होंने कहा कि यहां नानाजी के श्राद्ध कार्यक्रम में आये हैं। इसलिये यहां भी राजनीतिक चर्चा नहीं होनी चाहिये। उन्होंने नानाजी को युगऋषि बताते हुये कहा कि राजनीतिक जीवन में रहते हुये भी वे एक ऋषि का जीवन व्यतीत करते थे। आज भले ही वे नही हैं पर वे चित्रकूट के लोगों के साथ ही अन्य सभी के दिलों में जिंदा हैं। उनके साथ ही आये मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के होते हुये उनका बोलना ठीक नहीं है। अभ्यास वर्ग के परिचयात्मक सत्र के बाद वे ग्रामोदय विश्वविद्यालय में नानाजी के षट्मासिक श्राद्ध कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुये। उनके साथ सतना से सांसद गणेश सिंह भी आये थे। हेलीपैड पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत चित्रकूट मप्र विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने किया।

मानस पाठ के साथ नाना जी को श्रद्धांजलि

चित्रकूट। ग्रामों के उत्थान से ही शहरों के साथ राष्ट्र का उत्थान होगा। ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र को ग्रामीण भारत के विकास के लिये ही काम करना चाहिये। 'विश्व ग्रामे प्रतिष्ठत:' कुछ ऐसा ही बोध वाक्य नाना जी देशमुख के जेहन में उस समय उभरा जब उन्होंने चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की परिकल्पना की थी। आज उसका भव्यतमस्वरूप महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के रुप में दिखाई देता है। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिवार ने अपने प्रथम कुलाधिपति और संस्थापक युगऋषि नाना जी देशमुख को श्रद्धांजलि देने का क्षण भी उनके षट्मासिक श्राद्ध को खोजा। चित्रकूट के बाबा तुलसीदास द्वारा लिखित चौबीस घंटों के श्री रामचरित मानस पाठ की शुरुआत कुलपति प्रो. केबी पांडेय व उनकी धर्मपत्नी विनोदनी पांडे के पूजन हवन के साथ हुई।

जहां इस पाठ में ग्रामोदय परिवार के प्राध्यापक और छात्र -छात्रायें एक साथ जुटे हुये हैं वहीं खुद भी कुलपति बीच-बीच में जाकर उनका उत्साह बढ़ाने के साथ ही श्री राम चरित मानस का पाठ भी कर रहे हैं। इसके साथ ही शनिवार को ग्रामोदय परिसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है। इसी परिसर में एक ऐसी प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें ग्रामोदय के जन्म काल से लेकर वर्तमान के चित्रों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। फोटो प्रदर्शनी का संयोजन करने का काम डा. जयशंकर मिश्र और डा. अभय वर्मा कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में जहां दुर्लभ चित्रों को प्रदर्शित किया गया है वहीं कृषि संकाय के साथ ही अन्य विभागों ने भी अपनी गतिविधियों की झलक प्रदर्शित की है। कुलपति प्रो. पांडेय कहते हैं कि यह हमारी इस विश्वविद्यालय के जन्मदाता के लिये एक छोटी सी श्रद्धांजलि है। नाना जी देशमुख ने अपने जीवन काल में मानव की भलाई के लिये इतने सारे काम किये जिन्हें एक जगह पर प्रदर्शित नही किया जा सकता पर ग्रामोदय की स्थापना को लेकर उन्होंने जो किया उसको लेकर एक छोटी सी भेंट इसे माना जा सकता है।
ग्रामोदय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी जय प्रकाश कहते हैं कि नाना जी ने चित्रकूट में आकर यहां की अशिक्षा को दूर करने का ही खाली प्रयास नही किया बल्कि शिक्षा के साथ ही स्वावलंबन का जो पाठ पढ़ाया वह आज सभी के लिये अनुकरणीय बन चुका है। उन्होंने बताया कि हवन पूजन का कार्यक्रम प्रात: 8 बजे, श्रद्धांजलि सभा प्रात: 10 बजे और विशाल भंडारे का आयोजन दोपहर 12 बजे से किया गया है।

लोहिया सभागार में चिंतन करेंगे रामभक्त

चित्रकूट। गिरता जनाधार और फिर से हरदिल अजीज बनने की प्रक्रिया के गुर सीखने का काम धर्मस्थली के उस प्रांगण में भाजपा की रीढ़ कहे जाने वाले संगठनमंत्री करेंगे जहां कभी पार्टी को शीर्षस्तर तक पहुंचाने का काम करने वाले नानाजी देशमुख ने एकात्म मानववाद के चिंतन के काम को आगे बढ़ाने का बीज बोया था। आज वह बीज एक वटवृक्ष का रूप ले चुका है। बड़ी बात यह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उस सभागार से शुभारंभ करेंगे जो सोशलिस्ट रहे डा. राममनोहर लोहिया के नाम पर है। वैसे डा. लोहिया ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने राम के आदर्शों को लेकर यहां रामायण मेले की कल्पना की थी और पिछले सैंतीस सालों से वह चल भी रहा है।

शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे देश भर से आने वाले प्रदेश, संभाग व जिलास्तर के संगठन व सहायक संगठन मंत्रियों के अभ्यास वर्ग का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी करेंगे। उनके साथ मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहेंगे। सूत्र बताते हैं कि तीन दिनों के इस अभ्यास वर्ग में डेढ़-डेढ़ घंटे के चार से पांच सत्र हो सकते हैं। इन सत्रों को संबोधित करने का काम राष्ट्रीय संगठन व सहायक संगठन मंत्री के साथ ही प्रदेश संगठन मंत्री करेंगे। फिलहाल अभी उद्यमिता विद्यापीठ पर आने वाले सभी कार्यकर्ताओं के आगमन व रुकने व भोजन इत्यादि की व्यवस्थाओं को देखने का काम मप्र के सहायक संगठन मंत्री अरविंद मेनन देख रहे हैं। इसके साथ ही अभी अघोषित तौर पर सर्वव्यवस्था प्रमुख सुरेन्द्र सिंह बघेल को बनाया गया है।

शिक्षार्थी होंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

चित्रकूट। एक बार फिर राम का नाम लेकर केंद्र की सत्ता तक पहुंचने वाली भारतीय जनता पार्टी को 'श्री राम' की उस कर्मस्थली की याद आई है जहां पर उन्होंने 11 साल 6 महीने और 18 दिन रहकर तप किया था। इसकी कमान खुद ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गड़करी ने संभाली है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अलौकिक धर्मस्थली पर जहां एक ओर वे शिक्षक का दायित्व निभायेंगे वहीं दूसरी ओर वे स्वयं शिक्षार्थी भी होंगे। अभ्यास वर्ग में जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी के गिरते जनाधार को बढ़ाने के गुर सिखायेंगे वहीं दीन दयाल शोध संस्थान के प्रकल्पों से वे पूर्व राष्ट्रपति डा. अब्दुल कलाम आजाद व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की तरह की एकात्म मानव दर्शन के पाठ को पढ़ने का प्रयास करेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दीन दयाल शोध संस्थान के उद्यमिता विद्या पीठ में भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई द्वारा देश भर के संगठन मंत्रियों का अभ्यास वर्ग 27 से 29 अगस्त तक के लिये आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास वर्ग का शुभारंभ नितिन गड़करी को करना है। इस कार्यक्रम से वैसे तो मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाई गई है। मप्र के प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद मेनन और सतना जिला संगठन मंत्री ब्रजेश चौरसिया ने साफ तौर पर कहा कि यह कार्यक्रम मीडिया के लिये नही हैं।