अपने पिता दरबारी लाल पटेल के साथ व भाई के साथ रवि नंदन

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गुरुवार, 18 फ़रवरी 2010

चित्रकूट को पालीथीन मुक्त बनाने के लिये आगे आये सरकार

चित्रकूट। जहां एक तरफ सतना जिला प्रशासन ने आगे आकर मंदाकिनी की सफाई को लेकर जनसहयोग से स्फटिक शिला में काम शुरु करा दिया है। इसमें ग्रामोदय विश्वविद्यालय के साथ ही नेहरु युवा केंद्र के स्वयंसेवियों ने सहयोग भी जुटे हैं।

मंदाकिनी में सफाई अभियान सतना जिला प्रशासन ने पहले भी कराया था। जी हां पिछले साल पांच जून से लेकर बीस जून तक बड़ी मशीन लगाकर जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई सफाई बरबाद हो गयी। मंदाकिनी पुल के पास एक मीटर गहरा और चौहत्तर मीटर चौड़ा पाट एक बार फिर से संकरा दिखाई देने के साथ ही काफी उथला दिखाई देने लगा है। नदी की गहराई कम होने का कारण वनस्पतियों का उगना भी है। नदी में एक बार फिर से बेकार वनस्पतियों ने कब्जा जमा लिया है।
पूर्व सभासद अरुण गुप्ता कहते हैं कि यहां पर दोबारा गंदगी पनपने की मुख्य वजह जन चेतना का आभाव है। नदी में मल मूल और कचरा आज भी बहाया जा रहा है। जो वास्तव में नदी में गंदगी को बढ़ाने का वाहक है। उन्होंने मांग किया कि नदी ही चित्रकूट को पहले पालीथीन से मुक्त कराने के लिये सरकार को पहल करनी चाहिये और इसको कानूनी जामा पहनाकर बंद कराना चाहिये।

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